Best Indians
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Some rare posters of India before Independence, taken from British Museum.
Source: bbc.co.uk
इस चित्र में कॉंग्रेस और मुस्लिम लीग को हाथी के रूप में चित्रित किया गया है. यह चित्र 22 मई 1946 को पंच पत्रिका में प्रकाशित हुआ था.

यह पोस्टर 1928 में जारी हुआ. सर जॉन साइमन के नेतृत्व में गठित सात-सदस्यीय समिति को लेकर भारत में काफ़ी नाराज़गी थी. इस समिति के एक अन्य सदस्य थे क्लीमेंट ऐटली जो 1947 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने. इस समिति का उद्देश्य था भारत के भविष्य का फ़ैसला करना और इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था. दिसंबर 1927 में कॉंग्रेस और मुस्लिम लीग के कुछ सदस्यों ने साइमन कमीशन का बहिष्कार किया और जगह-जगह साइमन वापस जाओ के बैनर नज़र आने लगे.

इसमें ब्रितानी उत्पादनों का बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादनों और उत्पादन तकनीकों को पुनर्जीवित करते दिखाया गया है. स्वदेशी महात्मा गांधी की एक ऐसी नीति थी जिसे उन्होंने स्वराज की आत्मा बताया
इस पोस्टर में एक सैनिक भारत रूपी वृक्ष को दमन-नीति की डोर से खींच रहा है. इसके सामने महात्मा गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा बाई के साथ बैठे नज़र आ रहे हैं जबकि एकता की देवी सबको एकजुट रखे हुए है. दोनों चित्रों में कॉंग्रेसी नेता और भगवान कृष्ण यह सारा दृश्य निहारते देखे जा सकते हैं.
वर्ष 1920 से कॉंग्रेस के प्रचार पोस्टरों में गांधी का संदेश नज़र आने लगा. स्वराज्य के लिए संघर्ष में भारत माता को जंजीरों में जकड़ा दिखाया गया. इसमें तीन रास्ते थे, सरकार के साथ सहयोग, हिंसा और अहिंसा का मार्ग. यह तीसरा ही स्वतंत्रता की देवी तक ले जाता है.